दशहराके महिमा

शुशिला कुमारी , महतो ( शिक्षिका

खोज तलास खबर, जनकपुरधाम ! दशै हइ माता रानीके महान् रुपके महिमाके दिन

घर घरके लोग मानैय माता रानीके आभारके रिन

भोर फुल, फल, धुपअगरवती या साझ दिया बाइरके

करैय दर्शन माता रानीके नौ रुपके बड निघाइरके।।

 

पहिले दिन कलश यात्रासे पुजा करे सुरु

बोलबैय माताके माइनके सबकोइ अपन गुरु ।

हर दिन माइके अलग अलग रुपके महिमा गाइवके,

मनवैय माइके रक्षा करैके लागि अपन दुख सुनाइके।।

 

नौ दिन तक निखण्ड रहिके, मगैय बर बाइरके धुप

दशम दिन सबके बिन्ती सुइनके लैय कालीचण्डीके रुप

बाघ सवार भके हातमे लके तरवार मचैलकै तहलका ,

करैय एक- एक शत्रुके विनाश पिके लहु लालका ।।

 

तब भेल जगमे असत्य पे सत्यके जित

तब भेल चारो दिशा मे खुशीसे हर्सित ।

माता रानी भेल हर रुपमे सब शत्रुपे भारी ,

तहिसे माता जिके महिमा हय जगमे भारी ।।

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